जब मैंने बड़े मंदिर आना शुरू किया तब हम सब एक दूसरे से पूछते थे कि
“आप मंदिर कब से आते हैं” या फिर “आप
पुरानी संगत हैं या नयी संगत” या फिर कि “क्या आप गुरूजी से मिले हैं” या
“क्या आपने गुरूजी को देखा है”. इन प्रशनों का उत्तर हमें यही मिलता था कि “आंटी
आप गुरूजी को न भी जानते हों परन्तु गुरूजी आपको न जाने कब से संभाल रहे हैं. इसलिए
इन प्रश्नों का कोई औचित्य नहीं है”.
वह साक्षात इश्वर हैं और उनकी उर्जा से हम कभी भी अछूते नहीं रह पाते.
आज वाकई मुझे एहसास होता रहता है की उनके बिना मैं कुछ भी नहीं. गुरबानी का हर
शब्द-कीर्तन उनपर ही चारितार्थ है.
गुरूजी से मिलने से पहले की हर घटना उनकी कृपा का भान कराती, मुझे
चेताती रहती, मुझे छूतीं रहती और मुझे धन्य धन्य करती, मुझे उनके शत प्रतिशत दर्शन
कराती रहती है. इसमें कोई अतिश्योक्ति कदापि नहीं है, मिलन है, प्रेम है, प्रलाप
है, परिहास है. आज सब घटनाएं, घटनाएं नहीं सत्संग प्रतीत होती हैं, नाटकीय रूप से
सच प्रतीत होती हैं.
बड़े मंदिर आने से पहले हमारी ज़िन्दगी ठीक ही चल रही थी. मैं और मेरे अंकल
नौकरी और बच्चे क्रेच में छोड़कर सदा भाग दौड़ की हमारी जीवनी आप सब सी थी. रुकावटें
और मध्यांतर तो हमारी सोच में भी नहीं थे.
एक रात मुझे स्वप्न आया की मैं और मेरे अंकल कहीं ऊंचाई से नीचे देख
रहे हैं जहाँ एक छोटा सा जल कुण्ड है. अगले ही पल अचानक मेरे अंकल मेरी बगल से
गायब होते, कुण्ड में गिरते और मेरी नज़रों से ओझल हो जाते हैं. मैं हत्प्रभ्, बिना
किसी विलंभ उनके पीछे ढलान से नीचे उतरती हुई, उन्हें ढूंढती ढूँढती उधर ही चल
पड़ती हूँ. वहां पहुँचने पर मुझे कुण्ड में जल लाल रंग का दिखाई देता है, उसके ठीक
सामने एक गुफा भी थी जो ऊपर से दिखाई नहीं देती थी. गुफा में पैर रखते ही मैं फिर
से हतप्रभ रह गयी जब मैंने वहां लहुलुहान एक के ऊपर एक रक्खी अनगिनत असंख्य लाशें
देखीं. मैंने एक एक कर उन्हें खींचना आरम्भ किया. कुछ ही समय बाद अंकल मेरे हाथ
में आते हैं और मैं उन्हें बड़ी सरलता से खींच कर उन सफाई से रखे ढेरों से निकाल
लेती हूँ. मुझे पता नहीं मैं कैसे उन्हें ऊपर लायी परन्तु अगले ही छण हम वहां से
खड़े फिर नीचे देखते हुए, भाग खड़े हुए. यहीं सपने का अंत हुआ. तब मुझे कुछ नहीं लगा
परन्तु कुछ समय बाद मैंने यह सब अपने परिवार में शेयर किया और भूल गयी.
मेरा घर उनकी कृपा, मेरे पति ऊनकी कृपा, मेरे बच्चे उनकी कृपा से
शोभान्वित हैं यह भी कोई अतिशोक्ति नहीं.
मुझे नहीं मालूम इसके कितने समय बाद, मार्च २००७ में, मेरे अंकल को
सांस लेने में तकलीफ होने लगी जो कि बढ़ती गई. हमने सोचा मौसम बदल रहा है शायद
सर्दी-जुकाम की वजह से उन्हें परेशानी हो रही है. जब तकलीफ बढ़ने लगी तो हम डॉक्टर
के पास गए. इलाज शुरू हुआ और उन्हें दवाओं से कोई आराम नहीं मिलने पर, Chest X-Ray
हुआ तब पता चला कि उन्हें “Left Lower Lung Collapse” (लेफ्ट लोअर लंग कोलाप्स) हो
गया था. इसका इलाज मेजर ऑपरेशन के सिवा कोई इलाज नहीं था. न दवाईयां, न देसी
इलाज और न ही कोई लेज़र ट्रीटमेंट इस बीमारी के इलाज में सहायक हो सकता था.
सौभाग्यवश, अंकल की बीओप्सी रिपोर्ट (BIOPSY
REPORT) के मुताबिक LUNGS पाइप के अन्दर पाया गया BLOCKAGE CANCEROUS नहीं था.
ऑपरेशन के बाद लेफ्ट LOWER LUNG फिर से GROWTH की क्षमता रखता है. मेजर ऑपरेशन के
बाद १ हफ्ते में पेशेंट घर चला जाता है क्योंकि उसे दवाईयां नहीं EXERCISE ठीक
करती हैं.
FORTIS, NOIDA में BIOPSY और FORTIS, VASANT KUNJ में ऑपरेशन हुआ,
खर्चा कम से कम, दवाईयां कम से कम, छुट्टियाँ कम से कम लेनी पड़ी, क्योंकि अंकल १
महीने में नार्मल ऑफिस जाने लगे और हमें सारा खर्चा मेरे ऑफिस इन्शुरन्स से मिल
गया. गुरूजी ने दुःख के समय को इतने सस्ते में कटा दिया कि पता ही तब चला जब एक
साल बाद X-RAY REPORT में LEFT LUNG
नार्मल GROW करता दिखने लगा. आज हमें याद भी नहीं .....
बड़े मंदिर आने के बाद, उनकी सत्संग सुनने के बाद
आज हमें यह ज्ञात हुआ है कि हम सब उनकी छत्रछाया में ही जीवित हैं, उनकी अनगिनत
कृपाएं भोगते रहे और अनभिज्ञ रहे उनके सद्कर्मों से अपने बुरे कर्मों को जलाते
रहे. इस तरह उनसे ना मिलकर भी हम हमेशा उनसे मिलते थे, ना जानते हुए भी उनके ही
थे.
मैं उन्हें शुकराना लिखना चाहती थी, परन्तु जो अमूल्य
हों, उन भेंटों के लिए लफ्ज़ ढूंढ नहीं पा रही हूँ.
गुरूजी की जय हो.
// जब मैं बड़े मंदिर आई और मंदिर में मैंने कुटिया और कुटिया के बाहर झूले के पास fountains का स्थान देखा तो गुरूजी ने एहसास दिलाया की, सपने में जहाँ मैं खड़ी थी वह जगह बड़े मंदिर के अंदर, कुटिया के आस पास का ही था // जय गुरूजी.....
JAI JAI GURU JI
ReplyDeleteॐ नमः शिवाय,शिवजी सदा सहाय।।
ReplyDeleteॐ नमः शिवाय,गुरूजी सदा सहाय।।
जय गुरूजी।।
जय गुरूजी ॐ नम शिवाय
ReplyDeleteजय गुरूजी ॐ नम शिवाय
ReplyDeleteजय गुरूजी ॐ नम शिवाय
ReplyDeleteॐ नमः शिवाय,शिवजी सदा सहाय।।
ReplyDeleteॐ नमः शिवाय,गुरूजी सदा सहाय।।
जय गुरूजी।।
गुरु जी की महिमा अपरम्पार
ReplyDeleteहै।
Jai guru ji shukrana guruji
ReplyDeleteJai guru ji shukraana guruji. Om namahy shivaya shivji sada sahaaye. Om namahy shivaya guruji sada sahaaye.
ReplyDeleteJai Guru ji
ReplyDeletejau guru ji
ReplyDelete🔱🔱🔱🔱🔱🔱🔱🔱🔱🔱🔱🔱🔱🔱🔱🎊🎊🎊🎊🎊❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️ shukrana Guru ji 🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷 Har Har Mahadev 🙏🌹 Radhey 🌹 Radhey 🌹🔱🔱🔱🔱🔱🔱 SHUBHPRABHAT🔱🔱 Love you Guru ji 🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🙏🙏🏻🎊🎊🎊🎊🎊🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🌹🌹🌹🌹 Har pal da shukrana Guru ji 🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷💐 💐💐💐💐💐💐💐💐 Om Namash Shivaye Guru ji Sada Sahaye 🙏🙏 Always Blessing Guru ji 🌷 🌷🌷 🌷🌷 🌷🌷 🌷🌷 🌷🌷 🌷🌷 🌷🌷 🌷💐 💐 me🙏🙏🙏🙏
ReplyDeleteJAI GURU JI..
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